एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया

एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया

एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया
Modified Date: July 18, 2024 / 05:41 pm IST
Published Date: July 18, 2024 5:41 pm IST

जयपुर, 18 जुलाई (भाषा) राजस्थान में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों ने बृहस्पतिवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में यहां राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं और वहां तैनात पुलिसकर्मियों में खींचतान हुई जिसमें दो छात्रों को मामूली चोट लगी, जबकि पुलिस ने 18 छात्रों को हिरासत में लिया है।

गांधीनगर थानाधिकारी उदयभान ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर छात्र विधानसभा की ओर कूच करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंने पुलिस के साथ हाथापाई की।

उन्होंने बताया कि छात्रों और पुलिस के बीच खींचतान में दो छात्रों को मामूली चोट लगी है। पुलिस ने विश्वविद्यालय के बाहर एकत्रित छात्रों को तितर बितर करने के लिये उन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर कहीं दूर ले जाकर छोड दिया, जबकि 18 विद्यार्थियों को हिरासत में लिया गया है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश भाटी ने एक बयान में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि संगठन छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करेगा।

भाटी ने एक बयान में कहा, ‘‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हाथापाई करना सरकार की कायरता को दर्शाता है। हमारे एक पदाधिकारी का हाथ टूटा है और कई साथियों के सिर तथा शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।’’

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग की निंदा की है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,‘‘जयपुर में छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना घोर निंदनीय है। राज्य सरकार को बताना चाहिए कि किस वजह से वह छात्रसंघ चुनाव करवाने से पीछे हट रही है। यह समझ से परे है। विद्यार्थियों की जायज मांग को पुलिस-प्रशासन का भय दिखाकर दबाना दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

उन्होंने लिखा,‘‘इस बल प्रयोग में एनएसयूआई के कई छात्र नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं। मैं उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।’’

भाषा कुंज पृथ्वी

संतोष

संतोष


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