(अनिल भट्ट)
जम्मू, 17 जनवरी (भाषा) मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद प्रतिकूल मौसम से जम्मू एवं कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को भारी झटका लगा था, लेकिन हालात सुधरने के साथ ही अब इसमें धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिख रहे हैं और पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है।
डुल्लू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक पर्यटन स्थलों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से उभरते पर्यटन स्थलों में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी परियोजना की परिकल्पना की गई है और इसके कार्यान्वयन की सावधानीपूर्वक योजना बनाई जा रही है।
डुल्लू ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक वीडियो साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर हम पर्यटन की बात करें तो पहलगाम हमले के बाद और उसके बाद भारी बारिश एवं बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि के कारण 2025 में उसमें काफी नुकसान हुआ था। हालांकि, अब हम धीरे-धीरे सुधार देख रहे हैं। मौसम में सुधार के साथ ही पर्यटकों का आगमन फिर से बढ़ने लगा है।’’
उन्होंने कहा कि पर्यटन को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं तथा सरकार पर्यटकों की बढ़ती संख्या और सतत विकास के लिए अपनी पर्यटन रणनीति का पुनर्मूल्यांकन कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पर्यटन के विकास के साथ-साथ हमें यह भी देखना होगा कि हम पर्यटकों की संख्या में वृद्धि को संभालने के लिए कितने तैयार हैं। इसके लिए हमारी पर्यटन रणनीति और क्षमता का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है।’’
मुख्य सचिव ने पारंपरिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि व्यस्त मौसमों में अक्सर इन स्थलों पर उनकी क्षमता से अधिक पर्यटक आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘नए पर्यटन स्थलों के विकास से पर्यटकों की संख्या अधिक समान रूप से वितरित होगी। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार सृजित होगा, बुनियादी ढांचे का विकास होगा, निवेश आकर्षित होगा और मौसमी पर्यटन की भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी।’’
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला होने के बाद कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था। पहलगाम में आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों समेत 26 लोगों की हत्या कर दी थी।
हमले के बाद, सुरक्षा कारणों से लगभग 50 पर्यटन स्थलों और रिसॉर्ट्स को बंद कर दिया गया था। हाल में कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोल दिया गया है। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद और भी ऐसे स्थलों को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस दिशा में एक बड़ी परियोजना की परिकल्पना की गई है तथा परिवहन एवं अन्य बुनियादी ढांचागत व्यवस्थाओं समेत इसके कार्यान्वयन की सावधानीपूर्वक योजना बनाई जा रही है।
डुल्लू ने कहा, ‘‘पर्यटन क्षेत्र का सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए हमारा ध्यान नए पर्यटन स्थलों के विकास पर केंद्रित रहेगा।’’
भाषा
राजकुमार माधव
माधव