भुवनेश्वर, 26 सितंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने शनिवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए ‘पोशाक भत्ता’ बढ़ाकर 1,500 रुपये सालाना करने की घोषणा की।
इससे जमीनी स्तर पर काम कर रहे एक लाख 48 हजार लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे पहले उन्हें इस मद में हर साल 1,390 रुपये मिलते थे।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने ‘आंगन का उत्सव’ अभियान का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के लिए पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और शुरुआती बाल विकास सेवाओं को मजबूत करना है।
बदले गए ‘पोशाक भत्ता’ प्रावधान के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए 600 रुपये और राज्य सरकार 900 रुपये का योगदान देगी।
उपमुख्यमंत्री ने डीआईपीटीआई (डायरेक्ट इनवॉइस पेमेंट एंड ट्रैकिंग इंटरफेस) भी शुरू किया। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली बिल प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए इस तरह की डिजिटल पहल शुरू करने वाला ओडिशा का पहला विभाग बन गया है।
विभाग और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने मिलकर यह मंच विकसित किया है, जिसके जरिये बिजली बिलों का डिजिटल और सीधे सत्यापन, भुगतान तथा निगरानी की जा सकेगी।
परिदा ने कहा, ‘इस पहल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक बोझ कम होगा और उनका बहुमूल्य समय बचेगा, जिससे वे बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य तथा शुरुआती बाल विकास सेवाएं उपलब्ध कराने पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दे सकेंगी।’
एक अधिकारी ने बताया कि ‘पोषण माह’ (नौ सितंबर से आठ अक्टूबर) और ‘सेवा संकल्प अभियान’ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के हिस्से के रूप में ‘आंगन का उत्सव’ अभियान राज्य के सभी 74,224 आंगनवाड़ी केंद्रों में 27 से 29 सितंबर तक मनाया जाएगा।
भाषा
शुभम सुरेश
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