ओडिशा सरकार यात्री परिवहन एवं माल ढुलाई के लिये 3000 करोड़ रुपये की योजना शुरू करेगी

Ads

ओडिशा सरकार यात्री परिवहन एवं माल ढुलाई के लिये 3000 करोड़ रुपये की योजना शुरू करेगी

  •  
  • Publish Date - September 16, 2023 / 04:41 PM IST,
    Updated On - September 16, 2023 / 04:41 PM IST

भुवनेश्वर, 15 सितंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने राज्य भर में यात्रियों और वस्तुओं के सतत, किफायती और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली एक योजना शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है । एक मंत्री ने यह जानकारी दी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय किया गया । इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में 18 अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी ।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री अतनु एस नायक ने कहा कि नई योजना के तहत, सरकार विश्वसनीय और सस्ती सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरे ओडिशा में ग्राम पंचायत स्तर से राज्य की राजधानी तक एक निर्बाध सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क सुनिश्चित करने में सक्षम हो सकेगी ।

मंत्री ने कहा, ‘‘इस योजना के अंतर्गत महिला सशक्तीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। सुरक्षित परिवहन स्थान के कारण महिलाओं को कार्यबल में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इससे कृषि जिंसों को उनके उत्पादन स्थलों से बाजारों तक परिवहन के कुशल साधनों की सुविधा भी मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि इस योजना में उत्पादकों से नजदीकी बाजारों, मंडियों और वाणिज्यिक केंद्रों तक विभिन्न कृषि एवं खराब होने वाले उत्पादों का समय पर परिवहन भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाया गया है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन अब भी शुरू नहीं हुआ है ।

उन्होंने कहा, ‘‘2023-24 तक बस संचालन के पहले तीन वर्षों में परियोजना की लागत लगभग 3,178 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। योजना के तहत राज्य भर के सभी ग्राम पंचायतों, प्रखंडों और जिला मुख्यालयों, प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए बस संचालन की योजना बनाई गई है।

मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और लगभग 1000 बसें तैनात की जाएंगी । उन्होंने बताया कि इस योजना का कार्यकाल 10 वर्ष के लिए होगा, जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बैठक में 18 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गयी ।

भाषा रंजन माधव

माधव