भुवनेश्वर, तीन अप्रैल (भाषा) ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने कहा कि राज्य सरकार ‘कन्या सुमंगला योजना’, ‘सुभद्रा संवाद’ और ‘सुभद्रा वेलनेस’ जैसी महिला एवं बालिका केंद्रित पहलों के लिए जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि इन पहलों से कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा के जरिए लड़कियों को सशक्त बनाना और बड़े होने पर उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहारा देना है।
अधिकारियों के अनुसार, ‘कन्या सुमंगला’ एक अलग योजना है, जबकि ‘सुभद्रा संवाद’ और ‘सुभद्रा वेलनेस’ राज्य की महिला-केंद्रित वित्तीय सहायता योजना ‘सुभद्रा योजना’ के अंतर्गत आती हैं। इस योजना के पहले ही एक करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बजट 2026-27 में ‘कन्या सुमंगला योजना’ की घोषणा की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभार भी संभाल रहीं परिदा ने बृहस्पतिवार को कहा, “राज्य सरकार ‘कन्या सुमंगला योजना’ के तहत बालिका के जन्म के एक वर्ष के भीतर उसके नाम पर धनराशि जमा करेगी, जो उसके 21 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर लाखों रुपये हो जाएगी।”
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में बाल विवाह को रोकना है। यह वित्तीय सहायता उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करेगी और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पात्रता मानदंड, जमा की जाने वाली राशि, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की समयसीमा से जुड़े विस्तृत प्रावधान एसओपी जारी होने के बाद स्पष्ट होंगे।
परिदा ने कहा कि ‘सुभद्रा संवाद’ और ‘सुभद्रा वेलनेस’ पहल को आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे जमीनी स्तर के मौजूदा मंचों के साथ लागू किया जाएगा।
भाषा खारी वैभव
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