ओडिशा: 2.37 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए, आईएमडी ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया

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ओडिशा: 2.37 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए, आईएमडी ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 08:57 PM IST

भुवनेश्वर, 16 अगस्त (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताये जाने के बाद ओडिशा सरकार ने रविवार को राज्यभर में हाई अलर्ट जारी किया।

एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश लगातार दूसरे दिन जारी रहने के बीच राज्य में 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने बताया कि भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और छुट्टी पर गए कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है।

गर्ग ने आईएमडी के पूर्वानुमान जताये जाने के बाद स्थिति की समीक्षा की।

गर्ग ने संवाददाताओं से कहा, “हमने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है क्योंकि आईएमडी ने 16 से 18 अगस्त तक तीन दिनों के लिए बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।”

उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ से 49 प्रखंडों और पांच शहरी क्षेत्रों के तहत 331 ग्राम पंचायतों के 947 गांवों में 5.15 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

अधिकारी ने बताया कि राज्य में अब तक 2.37 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर 293 राहत शिविरों में पहुंचा गया।

गर्ग ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि ये अधिकारी जिला प्रशासन के साथ समन्वय करेंगे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को भी तटबंधों की सुरक्षा की निगरानी करने और तटबंध टूटने की स्थिति में तत्काल मरम्मत कराने के लिए तैनात किया गया है।

गर्ग ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में करीब 90 बचाव दल तैनात किए गए हैं, इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के 36, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात और अग्निशमन सेवा के 47 दल शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, जल संसाधन, आवास एवं शहरी विकास तथा मत्स्य एवं पशु संसाधन विभागों की टीमें भी प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत