जीआरपी कांस्टेबल की हत्या के मामले में जरूरत हुई तो ‘भीड़ हिंसा’ की धारा लगाएंगे: ओडिशा पुलिस

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जीआरपी कांस्टेबल की हत्या के मामले में जरूरत हुई तो ‘भीड़ हिंसा’ की धारा लगाएंगे: ओडिशा पुलिस

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 10:35 PM IST

भुवनेश्वर, 11 मई (भाषा) ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा (सीबी) के महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने सोमवार को कहा कि यदि जांच में आवश्यकता हुई तो राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कांस्टेबल की हत्या के मामले में ‘भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करने’ से संबंधित धारा लगाने से पुलिस पीछे नहीं हटेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न वर्गों द्वारा इस बात पर सवाल उठाए जा रहे थे कि अब तक गिरफ्तार 11 लोगों के खिलाफ केवल भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) यानी हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि धारा 103(2) (भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करना) लागू नहीं की गई है।

मृतक कांस्टेबल के पिता धूसासना स्वैन ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनके बेटे की हत्या एक समूह ने की। कांस्टेबल पर दुष्कर्म के प्रयास के आरोप लगाए गए थे।

डीजी (अपराध शाखा) ने स्पष्ट किया कि बीएनएस की धारा 103(2) तभी लागू होती है जब पांच या अधिक लोग मिलकर नस्ल, जाति, समुदाय, लिंग, जन्मस्थान, भाषा या धार्मिक विश्वास जैसे आधारों पर किसी व्यक्ति की हत्या करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्राथमिकी में इस तरह के किसी भी आधार का उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल धारा 103(2) लागू नहीं होती। हालांकि जांच में यदि ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो इस धारा को लगाने में कोई हिचक नहीं होगी।’’

जीआरपी कांस्टेबल की सात मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालीअंता थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर पुल के पास भीड़ द्वारा कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

आरोप है कि कांस्टेबल ने दो महिलाओं के साथ मारपीट की थी और एक महिला ने उस पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया था, जिसके बाद भीड़ ने हमला किया।

इसी बीच, पुलिस की एक टीम ने उन दो महिलाओं से भी पूछताछ की, जिनके साथ कथित रूप से मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास की घटना हुई थी।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष