ओडिशा : नाबालिग लड़की से सामूहिक बलात्कार के दोषी छह युवकों को 20-20 साल का सश्रम कारावास

Ads

ओडिशा : नाबालिग लड़की से सामूहिक बलात्कार के दोषी छह युवकों को 20-20 साल का सश्रम कारावास

  •  
  • Publish Date - January 30, 2026 / 03:00 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 03:00 PM IST

ब्रह्मपुर, 30 जनवरी (भाषा) ओडिशा के गंजाम जिले की एक पॉक्सो अदालत ने बैद्यनाथपुर पुलिस थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में शुक्रवार को छह लोगों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशेष सरकारी अभियोजक नारायण पांडा ने यह जानकारी दी।

पांडा ने बताया कि बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) मामलों की विशेष न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रणति पटनायक ने प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषियों की उम्र 20 से 27 वर्ष के बीच है।

अभियोजक ने बताया कि जुर्माना न भरने पर उन्हें छह महीने और जेल में रहना होगा।

उन्होंने बताया कि दोषी अस्का, बेगुनियापाड़ा, पुरुषोत्तमपुर, खल्लीकोट और सोरदा पुलिस थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।

अदालत ने जिला विधिक सेवा अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को 15 लाख रुपये का भुगतान करे।

पांडा के अनुसार, बतौर जुर्माना दोषियों से वसूली गई पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी।

अभियोजक ने कहा कि अदालत ने 13 गवाहों के बयान दर्ज करने और चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना तीन मई, 2024 को उस वक्त घटी जब आरोपियों में से एक ने 17-वर्षीय लड़की को अपनी मां से मिलवाने के नाम पर कथित तौर पर बहलाया-फुसलाया तथा न्यू बस स्टैंड इलाके से उसे लड़कों के छात्रावास ले गया एवं कुछ नशीले पेय पदार्थ पिलाए, जिसके बाद वह (लड़की) बेहोश हो गई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसके बाद दोषियों ने कमरे की बत्तियां बंद कर दीं और कई घंटों तक लड़की का सामूहिक बलात्कार किया। बाद में उन्होंने लड़की को उसके घर के पास छोड़ दिया और उसे पुलिस को सूचना न देने की चेतावनी दी।

बाद में लड़की ने पांच मई को बैद्यनाथपुर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि दोषियों को उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में रखा गया था, क्योंकि अदालत ने पहले उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश