नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को नव नियुक्त आईएएस अधिकारियों के एक समूह से कहा कि वे प्रशासनिक प्रणालियों को सरल बनाने के साथ-साथ अंतिम छोर तक अधिक कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए एआई-संचालित समाधानों को पूरी तरह से अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार अभूतपूर्व गति से शासन को बदल रहे हैं।
उन्होंने उनसे आधुनिक प्रणालियों को अपनाते समय प्रौद्योगिकी को मानवीय संवेदनशीलता और तर्कसंगत निर्णय के साथ संयोजित करने के लिए भी कहा।
मुर्मू ने कहा, “भारत का एक विकसित राष्ट्र में परिवर्तन तभी सार्थक होगा जब लाभ सबसे कमजोर और वंचित वर्गों तक पहुंचेगा। आपको यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करने चाहिए कि भौगोलिक, सामाजिक या आर्थिक कारणों से कोई भी समुदाय पीछे न छूट जाए।”
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में आयोजित 128वें दीक्षांत प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहीं राष्ट्रपति मुर्मू राज्य सिविल सेवाओं से भर्ती हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। ये अधिकारी पहले राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात कर चुके थे।
राष्ट्रपति ने कहा, “अब आप पर जिले या राज्य की प्राथमिकताओं से कहीं अधिक व्यापक जिम्मेदारियां हैं। इन व्यापक जिम्मेदारियों के लिए विभागीय सीमाओं से परे एक दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो प्रशासनिक बाधाओं को दूर करे। सहयोगात्मक रूप से कार्य करके आप संस्थागत सामंजस्य बढ़ा सकते हैं और शासन प्रणाली को सुदृढ़ कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने और सार्वजनिक सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए उनकी सामूहिक व्यावसायिकता, समन्वय और प्रतिबद्धता आवश्यक है।
मुर्मू ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार अभूतपूर्व गति से शासन को बदल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आप तकनीकी प्रगति को पूरी तरह से अपनाएं – एआई-संचालित समाधान, ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र और रीयल-टाइम एनालिटिक्स। ये उपकरण प्रशासनिक प्रणालियों को सरल बना सकते हैं और अंतिम छोर तक अधिक कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आधुनिक प्रणालियों को अपनाते समय, याद रखें कि प्रौद्योगिकी को मानवीय संवेदनशीलता और तर्कसंगत निर्णय के साथ जोड़ा जाना चाहिए।”
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प्रशांत नरेश
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