कोलकाता, 29 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग को सूचित किया कि राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में शामिल तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला ‘अत्यधिक कार्यभार’ के कारण और प्रशासन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को लिखे पत्र में राज्य सरकार ने तबादलों के लिए आयोग से मंजूरी मांगते हुए कहा कि यह निर्णय संबंधित अधिकारियों पर दबाव कम करने के लिए लिया गया है।
अधिकारी ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अधिकारियों पर काम का बहुत अधिक बोझ था। इस बोझ को कम करने और कर्तव्यों का कुशल निर्वहन सुनिश्चित करने के लिए तबादले किए गए।’’
यह स्पष्टीकरण तब आया जब निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूर्व अनुमति के बिना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों के तबादलों को लेकर सवाल किया था। आयोग ने रेखांकित किया कि उसके पूर्व के निर्देश के मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी को आयोग की सहमति के बिना स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानांतरित किए गए तीन आईएएस अधिकारियों में उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों का प्रभार देख रहे अश्विनी कुमार यादव, उत्तर 24 परगना जिले और कोलकाता उत्तर के प्रभारी रणधीर कुमार तथा पूर्वी – पश्चिमी बर्दवान जिलों और बीरभूम की प्रभारी स्मिता पांडे शामिल हैं। स्थानांतरण के समय तीनों अधिकारी मतदाता सूची पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत थे।
भाषा धीरज पवनेश
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