नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस लाने की तैयारी में हैं।
सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि नोटिस का मसौदा तैयार है और इसे इस सप्ताह दिए जाने की संभावना है।
नोटिस तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल रहे तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ सांसद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मसौदा तैयार करना और योजना बनाना वास्तव में सभी समान विचारधारा वाले दलों का मिलाजुला प्रयास रहा है। दोनों सदनों में कार्यान्वयन भी एक टीम की तरह होगा।’’
तृणमूल नेता ने दावा किया, ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने पद की पूरी तरह से अवमानना की है।’’
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि वे नोटिस का समर्थन करेंगे।
एक अन्य सूत्र ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दल भी इस कवायद में शामिल हैं और नोटिस का मसौदा सामूहिक रूप से तैयार किया गया है।
विपक्षी सांसद अब दोनों सदनों के सांसदों के हस्ताक्षर लेंगे।
नियमों के मुताबिक, नोटिस के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
सीईसी को हटाने की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया के समान है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल में दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के विचार का समर्थन किया था।
बनर्जी राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लोगों के नाम हटाए जाने के खिलाफ इन दिनों अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।
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