PIL Against Aadhaar Card Proof: आधार कार्ड नहीं माना जाएगा जन्म, निवास और नागरिकता का प्रमाण!.. सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, पढ़ें इस याचिका के बारें में

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PIL Against Aadhaar Card Using as Proof: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आधार को केवल पहचान पत्र मानने की मांग उठाई गई है।

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 04:45 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 04:46 PM IST

PIL Against Aadhaar Card Proof || AI Generatd File

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट में आधार उपयोग सीमित करने की मांग वाली PIL दाखिल।
  • याचिका में आधार को नागरिकता प्रमाण मानने पर आपत्ति जताई गई।
  • वोटर लिस्ट फॉर्म-6 नियमों को चुनौती दी गई है।

नई दिल्ली: यूआईडी यानी आधार कार्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। (PIL Against Aadhaar Card Proof) इस याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड को सिर्फ पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाए, न कि नागरिकता, निवास या जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर। यह याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दाखिल की है।

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बताया, ‘कानून के खिलाफ ‘

याचिका में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि वोटर लिस्ट में नया नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में आधार को जन्मतिथि और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार करना कानून के खिलाफ है।

प्रमाण के रूप में हो रहा आधार कार्ड का इस्तेमाल

याचिकाकर्ता ने कहा कि आधार कानून की धारा 9 के अनुसार आधार नागरिकता या निवास का सबूत नहीं है। UIDAI की 22 अगस्त 2023 की अधिसूचना में भी साफ कहा गया है कि आधार सिर्फ पहचान का प्रमाण है। (PIL Against Aadhaar Card Proof) इसके बावजूद स्कूल में दाखिला, वोटर आईडी बनवाने, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और संपत्ति खरीदने जैसे कई कामों में आधार का इस्तेमाल नागरिकता और पते के प्रमाण के रूप में किया जा रहा है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि घुसपैठिए और अवैध प्रवासी कमजोर जांच प्रक्रिया का फायदा उठाकर आधार कार्ड बनवा लेते हैं। बाद में उसी आधार के जरिए वे वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज हासिल कर लेते हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

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दी ये दलीलें भी

याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव नियमों के तहत फॉर्म-6 में आधार को जन्मतिथि और निवास प्रमाण के रूप में मानना आधार कानून और UIDAI के निर्देशों के खिलाफ है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आधार को उम्र का पक्का प्रमाण नहीं माना जा सकता। (PIL Against Aadhaar Card Proof) याचिका में संविधान के कई अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा, जनसंख्या संतुलन और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

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FAQ 1: प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में क्या मांग की गई है?

उत्तर: आधार को केवल पहचान पत्र मानने और नागरिकता प्रमाण नहीं मानने की मांग की गई है।

FAQ 2: प्रश्न: याचिका किसने दायर की है?

उत्तर: यह जनहित याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है।

FAQ 3: प्रश्न: याचिका में चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

उत्तर: फॉर्म-6 में आधार को पते और जन्मतिथि प्रमाण मानने पर सवाल उठाए गए हैं।