नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोगों से अपील की कि वे पूर्वोत्तर का कोई ना कोई बांस का उत्पाद अवश्य खरीदें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से उन लोगों का हौसला बढ़ेगा जो इन उत्पादों को बनाने में अपना पसीना बहाते हैं।
मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान बनाए गए कानून के अनुसार बांस को पेड़ की श्रेणी में रखा गया था और उससे जुड़े नियम बहुत सख्त थे। उन्होंने कहा कि बांस को कहीं भी ले जाना-लाना बहुत कठिन था, जिसके कारण लोग बांस से जुड़े व्यवसायों से दूर होने लगे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 में कानून में बदलाव करके बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाकर घास की श्रेणी में रखा। उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणाम सभी को दिखाई दे रहे हैं। आज पूरे पूर्वोत्तर में बांस क्षेत्र फल-फूल रहा है। लोग लगातार नवाचार कर रहे हैं और इसमें मूल्य संवर्धन कर रहे हैं।’’
मोदी ने कहा कि जिसे कभी बोझ समझा जाता था, वही आज रोजगार, व्यापार और नवाचार को नयी गति दे रहा है और इसकी सबसे बड़ी लाभार्थी महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि लोग यह जानकर हैरान होंगे कि केवल बांस की परिभाषा बदलने से कितना बड़ा बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि पूर्वोत्तर से कोई ना कोई बांस का उत्पाद अवश्य खरीदें। आप इसे उपहार के रूप में भी दे सकते हैं। आपके प्रयास उन लोगों का हौसला बढ़ाएंगे, जो बांस उत्पाद बनाने में अपना पसीना बहाते हैं।’’
मोदी ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत ‘अष्टलक्ष्मी’ के समान है और वहां अपार प्रतिभा मौजूद है।
भाषा गोला अमित
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