मैसुरु, 20 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिलाओं के आरक्षण को लेकर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार ने पहले अवसर होने के बावजूद इसके क्रियान्वयन में देरी की।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिद्धरमैया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मोदी पहले कल्याणकारी गारंटियों का विरोध करते थे और अब उन्हें ही लागू कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण के फैसले के समय और मंशा पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे ही मैं दोहरा मापदंड कहता हूं। नरेन्द्र मोदी सामाजिक न्याय के पक्षधर नहीं हैं। अगर होते, तो यह काम बहुत पहले हो गया होता। वह कितने वर्षों से सत्ता में हैं? 12 साल हो गए। अब तक यह क्यों नहीं किया गया?’’
सिद्धरमैया ने दोहराया कि कांग्रेस लगातार महिलाओं के आरक्षण के समर्थन में रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे का ‘‘राजनीतिकरण’’ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मोदी से हालिया बातचीत का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हमने महिलाओं के आरक्षण की बात की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझसे हमारा रुख पूछा। मैंने कहा कि हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में हैं।’’
भाषा जोहेब शोभना
शोभना