प्रधानमंत्री मोदी ने आईजीएनसीए के न्यासियों से मुलाकात की, आगामी युगे युगीन भारत संग्रहालय पर चर्चा की
प्रधानमंत्री मोदी ने आईजीएनसीए के न्यासियों से मुलाकात की, आगामी युगे युगीन भारत संग्रहालय पर चर्चा की
नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के न्यासियों से मुलाकात की और आगामी युगे युगीन भारत संग्रहालय के बारे में चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह परियोजना कभी सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को संस्कृति के केंद्र में बदल देगी।
प्रधानमंत्री ने आईएनजीसीए के न्यासियों से भारत की विविध संस्कृति को और अधिक लोकप्रिय बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि आगामी युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय में आठ विषयगत खंड होंगे जो 5,000 वर्षों से अधिक के भारत के इतिहास को बयां करेंगे। इस संग्रहालय को दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय बताया जा रहा है।
उन्होंने पहले बताया था कि देश की राजधानी के मध्य में स्थित नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में बनने वाला नया संग्रहालय 1.17 लाख वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें तहखाने और तीन मंजिलों में 950 कमरे होंगे।
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री और आईएनजीसीए के न्यासियों ने इस कवायद में अधिक लोगों को शामिल करने, डिजिटल और जमीनी स्तर की पहल के माध्यम से पहुंच को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।
आईएनजीसीए एक स्वायत्त संस्था है जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन आती है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आईएनजीसीए के न्यासियों से मुलाकात की और भारत की विविध संस्कृति को और अधिक लोकप्रिय बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।’’
मोदी ने पोस्ट में कहा, ‘‘हमने इस यात्रा में अधिक लोगों को शामिल करने, डिजिटल और जमीनी स्तर की पहल के माध्यम से पहुंच को मजबूत करने और हमारी समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में कलाकारों और विद्वानों का समर्थन करने के तरीके भी तलाशे।’’
आईजीएनसीए के न्यासियों में इसके अध्यक्ष राम बहादुर राय और सदस्य सोनल मानसिंह, वासुदेव कामथ, आर विनय झा, हर्षवर्द्धन नेवतिया, पी. सुब्रमण्यम, सरयू वी. दोशी और प्रसून जोशी सहित अन्य शामिल हैं।
आईएनजीसीए के प्रमुख उद्देश्यों में विभिन्न कलाओं, विशेष रूप से लिखित, मौखिक और दृश्य स्रोत सामग्रियों के लिए एक प्रमुख संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करना, कला और मानविकी से संबंधित संदर्भ कार्यों, शब्दावलियों, शब्दकोशों और विश्वकोशों के अनुसंधान और प्रकाशन कार्यक्रमों को संचालित करना शामिल है।
आईएनजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान आगामी युगे युगीन भारत संग्रहालय के बारे में भी बात की।
अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने न्यासियों से कहा कि यह परियोजना कभी सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को संस्कृति के केंद्र में बदल देगी।
भाषा सुरभि देवेंद्र
देवेंद्र

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