प्रधानमंत्री के भाषण में भाजपा के ‘सांप्रदायिकता’ के एजेंडे की झलक: केरल के नेता प्रतिपक्ष सतीसन

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प्रधानमंत्री के भाषण में भाजपा के 'सांप्रदायिकता' के एजेंडे की झलक: केरल के नेता प्रतिपक्ष सतीसन

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 05:47 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 05:47 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशान ने शुक्रवार को कहा कि यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के ‘सांप्रदायिकता और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने’ के एजेंडे की झलक है।

मोदी ने अपने भाषण में मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस के संबंधों को लेकर उस पर निशाना साधा और पार्टी पर केरल में कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को एमएमसी (मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस) बताते हुए कहा था कि इससे सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल को कांग्रेस की रणनीतियों के लिए ‘प्रयोग स्थल’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान में सतीसन ने कहा कि मोदी को केरल का दौरा करने और आधिकारिक एवं पार्टी कार्यक्रमों में भाग लेने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा, ‘हालांकि, प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए किसी के द्वारा खुलेआम सांप्रदायिकता का प्रचार करना खतरनाक है। ऐसा आचरण भारत की महान अवधारणा को विकृत करने और राष्ट्र के आधारभूत मूल्यों को कमजोर करने के समान है।’

सतीसन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के भाषण में देश के भविष्य या केरल की प्राथमिकताओं के बारे में कुछ भी नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘इसके बजाय, प्रधानमंत्री ने केवल सांप्रदायिकता के बारे में बात करना चुना। उनके भाषण से यह स्पष्ट हो गया है कि केरल में भाजपा और संघ परिवार का चुनावी एजेंडा पूरी तरह से सांप्रदायिकता पर आधारित है।’

विपक्ष के नेता ने कहा कि मोदी और भाजपा को जल्द ही केरल के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का एहसास हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘जिस विभाजनकारी राजनीति और सांप्रदायिक जहर का वे कई अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक इस्तेमाल करते हैं वह केरल की धरती पर स्वीकार्य नहीं होगा।’

भाजपा के राज्य नेतृत्व ने कांग्रेस और यूडीएफ को निशाना बनाते हुए आरोप लगाता रहा है कि इस गठबंधन को जमात-ए-इस्लामी सहित मुस्लिम संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

भाषा

शुभम माधव

माधव