छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 26 मई (भाषा) निजी बस संचालकों ने मंगलवार को कहा कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उन्हें किराये में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि करनी पड़ सकती है।
‘बस ओनर्स एंड ट्रैवल एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन’ के संयुक्त सचिव पुष्कर लुले ने कहा कि डीजल की कीमत करीब 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है और ईंधन की उपलब्धता में दिक्कत के कारण बस मालिकों को कम बसें चलानी पड़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर से महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों के विभिन्न शहरों के बीच करीब 125 बसें संचालित होती हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच मई महीने में डीजल की कीमत में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
लुले ने कहा, “एक बस के लिए प्रतिदिन औसतन 300 लीटर डीजल की जरूरत होती है। हमारे डीलर तय हैं, लेकिन अब हमें ईंधन उपलब्धता की लगातार जांच करने की जरूरत है। बसों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन कई बार खाली सीट होने पर यात्रियों को दूसरी बसों में समायोजित करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा, “फिलहाल टिकट दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन हालात को देखते हुए हमें किराये में कम से कम 30 प्रतिशत वृद्धि करनी पड़ेगी।”
लुले ने कहा कि निजी बस संचालक एक-दो दिन में बैठक करेंगे और किराया बढ़ाने की घोषणा करेंगे। उन्होंने सरकार से यात्रियों को राहत देने के लिए ईंधन पर कर घटाने की मांग भी की।
भाषाा राखी मनीषा
मनीषा