बेंगलुरु, 27 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल में फेरबदल और डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी कर रहे कांग्रेस नेता अगले महीने ‘‘खुशखबरी’’ मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम पार्टी और राजनीतिक हलकों में चार मई के बाद नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलों के बीच सामने आया है। चार मई को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के परिणाम, साथ ही कर्नाटक में दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और विधानसभा में मुख्य सचेतक अशोक पट्टन ने कहा कि कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उन्हें मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक ‘‘खुशखबरी’’ का आश्वासन दिया था।
पट्टन विधायकों के उस समूह में शामिल थे जो इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस आलाकमान से मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग करने के लिए नयी दिल्ली गया था।
चार मई की मतगणना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘विधायक हम पर दबाव डाल रहे हैं कि नतीजों से पहले समान विचारधारा वाले विधायकों की बैठक बुलाई जाए। हम नतीजों के बाद करीब 40 विधायकों के दिल्ली जाने पर चर्चा कर रहे हैं; तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं।’’
उन्हांने कहा, ‘‘लेकिन नतीजों के बाद, हममें से लगभग 40 विधायक दूसरे सप्ताह तक जरूर जाएंगे और मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग करेंगे।’’
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल के पक्षधर हैं, वहीं उपमुख्यमंत्री शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला ले।
कुनिगल से कांग्रेस विधायक और उपमुख्यमंत्री के करीबी एच डी रंगनाथ ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस आलाकमान शिवकुमार को उनकी मेहनत का उचित सम्मान देगा। उन्होंने कहा, ‘‘15 मई शिवकुमार का जन्मदिन है और मेरे समेत कई पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि उन्हें कोई खुशखबरी मिले।’’
अटकलों के बीच, शिवकुमार ने रविवार को कहा कि वह और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया दोनों ही राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का पालन करेंगे।
भाषा आशीष वैभव
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