कोझिकोड, दो मई (भाषा) केरल के कोझिकोड में एक अदालत ने शनिवार को केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के पूर्व कनिष्ठ अभियंता को रिश्वतखोरी के मामले में तीन साल कैद की सजा सुनाई।
कोझिकोड सतर्कता न्यायालय के न्यायाधीश शिबू थॉमस ने मलप्पुरम में केएसईबी के कुट्टीप्पुरम खंड कार्यालय के पूर्व अभियंता माइकल पिल्लई (60) को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। पिल्लई तिरुवनंतपुरम के नेय्याट्टिनकरा के निवासी हैं।
सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के अनुसार, आरोपी ने 2020 में शिकायतकर्ता से 700 रुपये की रिश्वत ली थी। यह रिश्वत कुट्टीपुरम में शिकायतकर्ता के घर की मरम्मत के लिए इस्तेमाल की गई बिजली पर अधिक शुल्क लगाने न लगाने के लिए ली गई थी।
नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद शिकायतकर्ता केएसईबी कार्यालय पहुंचा था ताकि वह लागू बिजली शुल्क का भुगतान कर सके।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसे वास्तविक रूप से 1,560 रुपये का बिजली शुल्क देना होगा, लेकिन 700 रुपये की रिश्वत के बदले उसने मामला सुलझाने का प्रस्ताव दिया था।
मलप्पुरम वीएसीबी की टीम ने पिल्लई को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
इस मामले की जांच मलप्पुरम वीएसीबी के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक ए रामचंद्रन ने की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अरुण नाथ के.के. ने अदालत में पैरवी की।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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