पुडुचेरी: उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ एसडीए ने समय से पहले ही विरोध प्रदर्शन किया समाप्त

पुडुचेरी: उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ एसडीए ने समय से पहले ही विरोध प्रदर्शन किया समाप्त

पुडुचेरी: उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ एसडीए ने समय से पहले ही विरोध प्रदर्शन किया समाप्त
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: January 10, 2021 7:32 pm IST

पुडुचेरी, 10 जनवरी (भाषा) पुडुचेरी में कांग्रेस नीत सेक्युलर डेमोक्रेटिक अलायंस (एसडीए) द्वारा उप राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर हो रहा प्रदर्शन तय समय से पहले ही रविवार को खत्म हो गया। प्रदर्शन खत्म करने के पीछे पोंगल उत्सव का हवाला दिया गया है।

मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने रविवार को प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पोंगल त्योहार को देखते हुए प्रदर्शन की समय-सीमा चार दिन से घटाकर तीन दिन कर दी गई। प्रदर्शन की शुरुआत आठ जनवरी को हुई थी।

मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा कि बेदी के खिलाफ अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को बेदी के पुडुचेरी छोड़ने की अपील के साथ हस्ताक्षर अभियान होगा और 29 जनवरी को विरोध प्रदर्शन का आयोजन होगा। वहीं नारायणसामी ने कहा कि 15 फरवरी से 20 फरवरी के बीच सत्तारूढ़ एसडीए की योजना एक दिन बंद की है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के मंत्री और विधायक समेत एसडीए से संबद्ध अन्य पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे थे। हालांकि द्रमुक इसका हिस्सा नहीं था। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शुक्रवार से हुई थी। दूसरे दिन शनिवार को नारायणसामी और अन्य प्रदर्शनकारी प्रदर्शन स्थल पर ही सोए थे।

हालांकि अन्नाद्रमुक और भाजपा ने इस प्रदर्शन को ‘ राजनीति से प्रेरित और पिछले साढ़े चार साल में चुनावी वादों को पूरा करने में कांग्रेस सरकार की विफलता को छुपाने का प्रयास करार’ दिया है। केंद्र ने यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों को तैनात किया है।

एसडीए की योजना राज निवास के घेराव की थी लेकिन पुलिस ने इसके लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वे इससे एक किलोमीटर दूर मराइमलाई अदिगल सलाई में प्रदर्शन कर रहे थे।

सत्तारूढ़ एसडीए का आरोप है कि बेदी विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी देने में विफल रही हैं। इससे पहले भी पार्टी ने इसी तरह का प्रदर्शन फरवरी, 2019 में किया था।

भाषा स्नेहा प्रशांत

प्रशांत


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