पंजाब भाजपा महिला मोर्चा ने महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर आप-कांग्रेस की आलोचना की

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पंजाब भाजपा महिला मोर्चा ने महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर आप-कांग्रेस की आलोचना की

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 09:27 PM IST

चंडीगढ़, 25 अप्रैल (भाषा) पंजाब भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को विपक्षी दलों द्वारा अपनाए गए कथित महिला विरोधी रुख की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि विपक्ष के कारण महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हुआ।

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 के संसद के निचले सदन में पारित नहीं होने के बाद भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन हुआ है। इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव था। विधेयक में परिसीमन के बाद निचले सदन में सदस्यों की संख्या को 816 (वर्तमान में 543 से) तक बढ़ाने का प्रावधान था, ताकि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले आरक्षण को लागू किया जा सके।

भाजपा महिला मोर्चा के सदस्यों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की और आम आदमी पार्टी से संविधान (संशोधन) का विरोध करने के लिए स्पष्टीकरण की मांग की।

चंडीगढ़ पुलिस ने कई नेताओं को संक्षिप्त रूप से हिरासत में लिया, जिनमें वरिष्ठ भाजपा नेता परनीत कौर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंदर कौर और राज्य इकाई उपाध्यक्ष मोहिंदर कौर जोश और मोना जायसवाल शामिल हैं।

‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए महिलाओं ने समान अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया और महिला आरक्षण पर संविधान (संशोधन) विधेयक पारित करने की मांग की।

इससे पहले एक सभा को संबोधित करते हुए पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि पार्टी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार महिला सशक्तीकरण के लिए खड़ी रही है।

शर्मा ने कहा, ‘हालांकि राजनीतिक दल अक्सर विभिन्न मुद्दों पर असहमत होते हैं, लेकिन यह आश्चर्यजनक है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध करने के लिए एक साथ आ गए हैं।’

जय इंदर कौर ने महिला आरक्षण पर संविधान (संशोधन) विधेयक पारित नहीं होने देने को लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने लगातार महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है और उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिलाने में नाकाम रहे हैं। महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक सशक्तीकरण से ‘इंडिया’ गठबंधन खतरे में दिख रहा है। पूरे भारत की महिलाएं इस अपमान का कड़ा जवाब देंगी।’

भाषा शुभम रंजन

रंजन