(तस्वीरों के साथ)
रायबरेली (उप्र), 20 फरवरी (भाषा) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को अग्निवीर योजना को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना से अब देश में शहीदों में भी भेद शुरू हो गया है तथा देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले अग्निवीर जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के तहत अपनी मां पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली पहुंचे राहुल ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए अग्निवीर योजना का जिक्र किया और कहा, ”आपने अग्नि वीर योजना का नाम सुना है। आपको मालूम है कि अब हिंदुस्तान में दो तरीके के शहीद होंगे। एक सेना वाला (पूर्णकालिक सेनाकर्मी) जब शहीद होगा तो उसे शहीद का दर्जा दिया जाएगा और दूसरा जो अग्निवीर होगा, जब वह शहीद होगा उसको शहीद का दर्जा नहीं दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा, ”उसकी (अग्निवीर जवान) लाश को परे कर दिया जाएगा। उसके परिवार को ना तो पेंशन मिलेगी ना ही किसी तरह की मदद मिलेगी। अग्निवीर जवान सेना में जाएंगे लेकिन चार साल बाद चार में से तीन अग्निवीरों को लात मार कर भगा दिया जाएगा। कहा जाएगा कि तुम्हारी यहां कोई जरूरत नहीं है।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पूछा सेना के बजट का जो पैसा अग्निवीरों को मिलना चाहिए वह पैसा कहां जा रहा है? और आरोप लगाया, “जो उनको मिलना था वह नरेन्द्र मोदी जी उनके हाथ से निकालकर अपने मित्रों को दे रहे हैं।”
राहुल ने कहा, ”यह सच्चाई है। मैंने यह बात संसद में बोली। अपने भाषण देखा होगा। मुझे लोकसभा से निकाल दिया गया और मेरी सदस्यता रद्द कर दी गयी। उच्च्तम न्यायालय ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता वापस करो तब दोबारा मैं लोकसभा में जा पाया। मेरा घर छीन लिया। दो साल की सजा दे दी। जब मेरा घर छीना मैंने उनसे कहा ले जाओ मुझे तुम्हारा घर नहीं चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा घर हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों के दिल में है। मैं आपको दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं और कहना चाहता हूं कि आप अपने हक के लिए लड़िये। आप खड़े हो जाइए। यह देश आपका है। एक प्रतिशत लोगों का ही नहीं है। यह देश किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों और बेरोजगारों सबका है। खड़े हो जाइए। जो आपका है उसे ले लीजिए।”
राहुल ने भीड़ में से एक व्यक्ति को अपने पास बुलाकर मौजूद लोगों से पूछा, ”आपने कभी जेबकतरे को काम करते हुए देखा है। वह सबसे पहले ध्यान भटकाता है। वह कहता है कि वह देखो पाकिस्तान, वह देखो चाइना, वह देखो राम मंदिर, वह देखो अमिताभ बच्चन। यही सब करके आपका ध्यान भटकाया जा रहा है। उसके बाद क्या होगा उसके बाद कोई व्यक्ति आपके पीछे आकर खड़ा हो जाएगा। जब आप इधर-उधर देखेंगे तो जेबकतरा पीछे से उसका फोन निकाल लेगा। निकालने के लिये ध्यान इधर-उधर कौन करता है….नरेन्द्र मोदी। पीछे से पैसा कौन निकालता है…. अडाणी।”
उन्होंने कहा, ”और तीसरा बंदा होगा जो लाठी लेकर यहां खड़ा होगा कि अगर किसी ने कुछ उल्टा सीधा किया तो उसे लाठी लगेगी…. अमित शाह, सीबीआई, ईडी। यह ड्रामा चल रहा है आपके साथ 24 घंटे। आप सुबह उठते हैं, मोबाइल फोन खोलते हैं। आपका ध्यान इधर-उधर जाता है। जीएसटी से आपका पैसा जेब से निकलता है। नोटबंदी से पैसा निकलता है और एक-दो प्रतिशत अडाणी जैसे लोग आपके पैसे को खाते रहते हैं। आप भूखे मरते रहते हैं। यह हिंदुस्तान है।”
राहुल ने देश में जातिवार जनगणना पर जोर देते हुए कहा कि जातिवार जनगणना ही भाजपा के जाल से निकलने का एक मात्र रास्ता है।
रायबरेली में यात्रा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए।
यात्रा में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”प्रियंका गांधी का भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पूरे उत्तर प्रदेश चरण में भाग लेने का कार्यक्रम था लेकिन वह यात्रा में शामिल नहीं हो सकीं, क्योंकि वह बीमार हैं।”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव रायबरेली में यात्रा में शामिल नहीं हुए।
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में पार्टी कार्यालय में दिन बिताया।
जब राहुल गांधी की यात्रा बछरावां (रायबरेली) पहुंची तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। काफिला कस्बे में कुछ देर रुका और फिर आगे बढ़ गया।
इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता टैंकर से पानी छोड़ कर सड़क धोते दिखे।
रायबरेली में एक घर की छत से राहुल गांधी की तरफ काले झंडे/कपड़े लहराए गए और जब उनका काफिला वहां से गुजरा तो लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए।
भाषा सं सलीम नोमान
नोमान