जयपुर, नौ फरवरी (भाषा) राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने अधिकारियों से पुलिस की प्राथमिकताओं पर प्रतिबद्धता से कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने उनसे संगठित अपराधों के खिलाफ कठोर कदम उठाने को भी कहा है।
उन्होंने सोमवार को भीलवाड़ा में अजमेर पुलिस रेंज की अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रेंज के सभी जिलों में अपराध नियंत्रण, लंबित जांच, कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं पुलिस प्रणाली की प्रभावशीलता की गहन समीक्षा की।
आधिकारिक बयान के अनुसार डीजीपी ने कहा कि राजस्थान पुलिस ने प्राथमिकताएं निर्धारित कर रखी हैं, समस्त अधिकारी इन प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई करें।
उन्होंने पुलिस गश्त को प्रभावी ढंग से करने के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में हर समय पुलिस नजर आनी चाहिए ताकि आम व्यक्ति में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में भय व्याप्त रहता है।
उन्होंने सायंकालीन एवं रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जाने वाले सड़क सुरक्षा अभियान को साल भर चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए संगठित अपराधियों द्वारा अर्जित की गई संपत्ति के विरुद्ध आर्थिक जांच करने और संपत्ति को नियमानुसर जब्त करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने जांच अधिकारियों (आईओ) और थाना प्रभारियों (ओआईसी) को लंबित प्रकरणों में नियमित एवं निरंतर ‘फॉलोअप’ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संगीन अपराधों में विशेष संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अजमेर रेंज के अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में पुलिस गतिविधियों, अपराध की वर्तमान स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से डीजीपी को अवगत कराया। बैठक में अन्य आला अधिकारियों के साथ साथ भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर, टोंक, नागौर व डीडवाना-कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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