Rajasthan High Court News: हाई कोर्ट बड़ा फैसला, 16 साल की रेप पीड़िता को मिली गर्भपात की अनुमति, सरकार को दिया ये चौंकाने वाला निर्देश

Rajasthan High Court News: हाई कोर्ट बड़ा फैसला, 16 साल की रेप पीड़िता को मिली गर्भपात की अनुमति, सरकार को दिया ये चौंकाने वाला निर्देश

Rajasthan High Court News: हाई कोर्ट बड़ा फैसला, 16 साल की रेप पीड़िता को मिली गर्भपात की अनुमति, सरकार को दिया ये चौंकाने वाला निर्देश

Rajasthan High Court News/Image: AI Generated


Reported By: Ranjan Dave,
Modified Date: May 24, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: May 24, 2026 8:50 pm IST
HIGHLIGHTS
  • राजस्थान हाई कोर्ट ने 16 वर्षीय रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी
  • 27 सप्ताह और 4 दिन की प्रेग्नेंसी खत्म करने का आदेश
  • इलाज और परिवार का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी

Rajasthan High Court News: राजस्थान हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 16 साल की रेप पीड़िता को 27 सप्ताह और चार दिन का गर्भ गिराने की अनुमति दी है। मामला राजस्थान के सिरोही जिले से जुड़ा है जिस पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की एकल पीठ ने यह फैसला दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि पीड़िता के इलाज, दवा, यात्रा और परिवार के रहने-खाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जिसका भुगतान मेडिकल रिलीफ सोसायटी के जरिए किया जाएगा।

 

डीएनए और फॉरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के आदेश

एक्सपर्ट डॉक्टर्स की निगरानी में गर्भपात (Rajasthan High Court News) कराया जाएगा। कोर्ट ने भविष्य की कानूनी और अदालती कार्रवाई के लिए भ्रूण के डीएनए और फॉरेंसिक साक्ष्य को पूरी तरह सुरक्षित रखने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पॉक्सो मामलों में गर्भावस्था की जांच और मेडिकल प्रक्रियाओं में होने वाली देरी पर गहरी चिंता भी जताई। कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद जोधपुर कलेक्टर आलोक रंजन ने सीएमएचओ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और पीड़िता को सिरोही से जोधपुर शिफ्ट करने व इलाज से जुड़ी आवश्यक कारवाई शुरू कर दी है।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सपना वैष्णव के अनुसार तकरीबन सात महीने का गर्भ (Rajasthan High Court News) होने पर परिजनों को इस बारे में जानकारी मिली जिसके बाद पीड़िता के दादा की ओर से मामला दर्ज कराया गया था। अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का तर्क दिया। साथ ही खुद पीड़िता ने भी अदालत के सामने गर्भपात की इच्छा जताई।

कोर्ट की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पीड़िता (Rajasthan High Court News) के खून की कमी (एनीमिया) से ग्रसित होने की जानकारी भी सामने आई। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कोर्ट ने एस.एन. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल को सुरक्षित गर्भपात करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि पीड़िता के इलाज, दवा, यात्रा और परिवार के रहने-खाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.