राजस्थान : एसएमएस अस्पताल में कटे जननांग को सर्जरी से ठीक किया गया

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राजस्थान : एसएमएस अस्पताल में कटे जननांग को सर्जरी से ठीक किया गया

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 03:58 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 03:58 PM IST

जयपुर, 15 जुलाई (भाषा) सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) में डॉक्टरों ने धारदार हथियार के हमले में एक युवक के लगभग पूरी तरह कट गए जननांग को जटिल सर्जरी के जरिए ठीक किया गया। करीब 40 दिन के उपचार के बाद युवक की हालत अब सामान्य है।

अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, 29 वर्षीय युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उसका जननांग लगभग पूरी तरह कट गया था। घटना के करीब चार घंटे के भीतर उसे एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां प्लास्टिक सर्जरी एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने उसी रात आपातकालीन सर्जरी की।

यह जटिल ऑपरेशन प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार जैन के मार्गदर्शन में इकाई प्रमुख डॉ. संगीता ठाकुरानी की टीम ने किया जिसमें डॉ. मुकुल धाभाई, डॉ. नवप्रीत और डॉ. ईशिता गौर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अस्पताल के अनुसार, सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त मूत्रमार्ग, स्पॉन्जियोसम और कॉर्पोरा की सूक्ष्म स्तर पर मरम्मत की गई। ऑपरेशन के बाद लगातार निगरानी और विशेषज्ञ उपचार के कारण अंग की कार्यक्षमता सुरक्षित रही। करीब 40 दिनों के इलाज के बाद मरीज सामान्य रूप से मूत्र त्याग करने में सक्षम हो गया।

डॉ. राकेश कुमार जैन ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों, अंग कटने, जलने की चोटों, कैंसर के बाद अंगों के पुनर्निर्माण और जन्मजात विकृतियों के उपचार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन शरीर के पुनर्निर्माण के साथ मरीज का आत्मविश्वास और सम्मान भी वापस लाने का काम करते हैं।

डॉ. संगीता ठाकुरानी ने कहा कि ऐसे मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि मरीज को चोट लगने के कुछ घंटों के भीतर अस्पताल पहुंचाने से उपचार सफल हो सका।

उन्होंने लोगों से अपील की कि गंभीर चोट, अंग कटने या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर उपचार से कई बार ऐसे अंगों को भी बचाया जा सकता है जिन्हें खोया हुआ मान लिया जाता है।

भाषा बाकोलिया मनीषा

मनीषा