नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया।
उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदस्यों से शून्यकाल के तहत लोक महत्व के मुद्दे उठाने के लिए कहा।
इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। सभापति से बात रखने की अनुमति मिलने पर विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है।
सभापति ने कहा कि वह नियम 267 के बारे में व्यवस्था दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत अत्यंत दुर्लभ मामला ही उठाया जा सकता है। खरगे ने कहा कि वह जो मुद्दा उठाने जा रहे हैं वह अत्यंत दुर्लभ ही है।
उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाहा। सभापति ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इस पर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।
सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की, लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने बैठक दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।
हंगामे के कारण सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
भाषा
मनीषा वैभव
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