नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, ‘नार्को-आतंकवाद’ तथा गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव का मुद्दा उठाया और कहा कि यदि केंद्र सरकार मौजूदा स्थिति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानती है तो उसे प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
रंधावा ने गृह मंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने चार जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री शाह को पत्र लिखकर पंजाब के सीमावर्ती जिलों गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
गुरदासपुर से लोकसभा सदस्य ने कहा कि अपने पत्र में उन्होंने कानून-व्यवस्था की ‘बिगड़ती स्थिति’, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, नार्को-आतंकवाद, गैंगस्टरों और नेताओं के कथित गठजोड़ तथा पंजाब पुलिस के राजनीतिक दुरुपयोग जैसे मुद्दे उठाए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्र के साथ उन्होंने अपने क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर के संबंध में विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई थी।
कांग्रेस सांसद ने बताया कि उन्होंने 23 जून को एक और पत्र भेजकर गुरदासपुर और पंजाब के अन्य हिस्सों में गैंगस्टरों की गतिविधियों के तौर-तरीकों का विस्तृत विवरण दिया था।
उन्होंने कहा कि इन पत्रों के आधार पर उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया गया।
रंधावा के अनुसार, बैठक के दौरान उन्होंने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि राज्य में गुप्तचर ब्यूरो (आईबी), सैन्य आसूचना तंत्र (एमआई), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियां मौजूद हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बैठक के दौरान गृह मंत्री ने स्वीकार किया कि पंजाब में जबरन वसूली और धमकियों की घटनाएं व्यापक स्तर पर हो रही हैं तथा जेलों के भीतर से मोबाइल फोन का लगभग लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।
रंधावा ने कहा, ‘‘यदि भारत सरकार स्वयं यह स्वीकार करती है कि वर्तमान स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और पाकिस्तान सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रहा है, तो वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
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