स्वास्थ्य सेवा के लिए नर्सिंग कर्मियों की भर्ती ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’: दिल्ली उच्च न्यायालय

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स्वास्थ्य सेवा के लिए नर्सिंग कर्मियों की भर्ती ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’: दिल्ली उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - August 12, 2025 / 07:05 PM IST,
    Updated On - August 12, 2025 / 07:05 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए नर्सिग कर्मियों को ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ बताते हुए राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में बिना किसी बाधा के नर्सिंग अधिकारियों और पैरा-मेडिकल कर्मचारियों की भर्ती करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत पी. एस. अरोड़ा की पीठ ने आठ अगस्त को कहा कि भर्ती प्रक्रिया परीक्षा परिणाम घोषित होने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुरू की जानी चाहिए।

पीठ ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव को 22 अगस्त को कार्यवाही में व्यक्तिगत या ऑनलाइन शामिल होने का निर्देश दिया।

अदालत ने नियुक्ति को पद-दर-पद आधार पर करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा है, ‘‘दिल्ली के अस्पतालों में स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए इन कर्मचारियों की भर्ती अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जाए और जैसे ही परिणाम घोषित किए जाएं, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, अन्य पदों पर भर्ती का इंतजार किए बिना पद-दर-पद आधार पर नियुक्ति की जाए।’’

अदालत राजधानी के सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों की देखभाल की कथित खामियों के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए 2017 में शुरू किए गए मामले की सुनवाई कर रही थी।

उच्च न्यायालय ने पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक को डॉ. एस के सरीन के नेतृत्व वाली समिति की सिफारिशों को लागू करने की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया था, जिसमें स्वास्थ्य प्रणाली में रिक्त पदों, महत्वपूर्ण संकाय सदस्यों और बुनियादी ढांचे की कमी सहित कई कमियों की ओर इशारा किया गया था।

इस मामले में अदालत ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल को न्यायमित्र नियुक्त किया था।

दिल्ली सरकार ने 10 जुलाई को प्रस्तुत वस्तुस्थिति रिपोर्ट में अदालत को बताया कि विभिन्न अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों या पैरा-मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों का विवरण रिकार्ड में दर्ज है।

उसने बताया कि अधिकांश भर्तियों के मामले में परिणाम इस वर्ष अप्रैल से दिसंबर तक अलग-अलग तिथियों पर घोषित किए जाने हैं।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश