नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट के संबंध में अपनी जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का और समय दिया।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एजेंसी को अतिरिक्त समय दिया और कई आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी।
अब तक आतंकवाद रोधी एजेंसी ने इस मामले में 11 गिरफ्तारियां की हैं।
इससे पहले, 23 मार्च को एजेंसी ने समय बढ़ाने के लिए याचिका दायर की थी और इसका एक कारण यह था कि फरवरी में हुई नयी गिरफ्तारियों के कारण उसे पूरी साजिश की जांच के लिए और समय चाहिए।
पिछले महीने एनआईए ने दिल्ली बम विस्फोट से संबंधित साजिश में सक्रिय रूप से शामिल होने के आरोप में जम्मू कश्मीर से जमीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट को गिरफ्तार किया था।
उसी दिन एजेंसी द्वारा दायर एक आवेदन में कहा गया कि कई आरोपियों को उनके डिजिटल उपकरणों से हासिल की गयी ‘‘कट्टरपंथी सामग्री’’ की व्याख्या करने के लिए आमने-सामने पूछताछ करने की आवश्यकता है।
उसमें कहा गया कि यहां जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक विशेषज्ञ से अनुरोध किया गया कि वह कट्टरपंथी सामग्री का गहन विश्लेषण करने के बाद एक व्याख्या रिपोर्ट प्रदान करें, ताकि अरबी भाषा में लिखी गई इन सामग्री की ‘‘कट्टरपंथी या चरमपंथी प्रकृति’’ का पता लगाया जा सके, जिनका उद्देश्य ‘‘हिंसक जिहाद को बढ़ावा देना या प्रचारित करना’’ और ‘‘घरेलू रोजमर्रा की वस्तुओं और रसायनों के माध्यम से बम तैयार करना है।’’
एजेंसी ने अपने आवेदन में कहा कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप समूहों की पहचान कर ली गई है और व्हाट्सऐप समूह ‘एजीयूएच’ (अंसार गजवत उल हिंद) के सदस्यों की पहचान से संबंधित जांच चल रही है।
याचिका में कहा गया है कि ‘‘कानूनी निगरानी’’ से प्राप्त विवरणों के संबंध में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
छह आरोपियों के संबंध में जांच रिपोर्ट का विवरण देते हुए कहा गया कि आमिर राशिद मीर ने वह पुरानी कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला डॉ. उमर-उन-नबी कर रहा था।
नबी 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला के बाहर विस्फोटकों से भरी एक कार चला रहा था, जिसमें विस्फोट होने से 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
एनआईए की याचिका में कहा गया है कि जासिर बिलाल वानी उर्फ ‘दानिश’ नबी और अन्य सह-आरोपियों के साथ हथियारों और विस्फोटकों का परीक्षण कर आतंकवादी हमले की तैयारी में शामिल था।
अदालत ने 13 फरवरी को एनआईए की उस याचिका पर एजेंसी को अपनी जांच पूरी करने के लिए 45 और दिन दिए थे, जिसमें आरोपियों के वित्तीय और डिजिटल संबंधों की आगे जांच करने के आधार पर 90 दिनों का विस्तार मांगा गया था।
भाषा
गोला दिलीप
दिलीप