बकाया वेतन को लेकर जंतर-मंतर पर एनडीएमसी संचालित अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया

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बकाया वेतन को लेकर जंतर-मंतर पर एनडीएमसी संचालित अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - October 22, 2020 / 10:07 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:58 PM IST

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित कुछ अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को जंतर-मंतर पर हाथ पर काली पट्टी बांध कर, हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाकर अपने बकाया वेतन के भुगतान के लिए प्रदर्शन किया।

हिन्दू राव अस्पताल, कस्तूरबा अस्पताल और राजेन बाबू क्षय रोग अस्पताल के मास्क पहने हुए डॉक्टरों ने उच्च प्राधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की।

हाल ही में तीनों अस्पतालों के दर्जनों डॉक्टरों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के बाद कैंडल लाइट मार्च निकाला था।

हिन्दू राव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिमन्यु सरदाना ने कहा, ‘‘हम यह मुद्दा उठा-उठा कर थक गए हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। इस वक्त हमें अस्पताल में होना चाहिए। लेकिन हमारे पास और कोई विकल्प नहीं है, अपनी मांग के लिए दबाव बनाने के अलावा। हम अपना बकाया वेतन चाहते हैं, यह हमारा मूल अधिकार है।’’

अस्पताल के आरडीए के सदस्य पिछले कई दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं और पिछले तीन महीने का बकाया वेतन जारी करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

कस्तूरबा अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स भी बकाया वेतन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

हिन्दू राव अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर ज्योत्सना प्रकाश का कहना है, ‘‘हममें से कुछ लोग आज से शायद भूख हड़ताल भी करेंगे। एसोसिएशन द्वारा अंतिम फैसला किया जाना है।’’

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जयप्रकाश ने हाल ही में कहा था कि डॉक्टरों को जुलाई का वेतन दे दिया गया है।

भाषा अर्पणा दिलीप

दिलीप