नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सड़क सुरक्षा मामलों के विशेष दूत ज्यां टॉड ने मंगलवार को कहा कि सड़क दुर्घटनाएं विश्व भर में एक खामोश महामारी हैं और इनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
टॉड ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए एक वैश्विक जागरूकता अभियान भी शुरू किया।
उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सड़क दुर्घटनाएं विश्वभर में एक खामोश महामारी हैं, और भारत में भी ये हर साल हजारों लोगों की जान लेती हैं, जिससे देश भर के परिवारों और समुदायों पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे देश में जहां आवागमन में तेजी से वृद्धि हो रही है, सड़क सुरक्षा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए मिलकर काम करने से सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है।’’
उनकी भारत की वर्तमान यात्रा मराकेश घोषणा के 11 महीने बाद हो रही है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने सड़क सुरक्षा संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की थी। संबंधित घोषणा का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या को आधा करना है।
भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बनी हुई हैं, जिनमें प्रतिवर्ष अनुमानित तौर पर 1,53,972 लोगों की जान चली जाती है, और मृत्यु दर 15.4 प्रति एक लाख है। पैदल यात्री, साइकिल चालक और मोटरसाइकिल चालक विशेष रूप से असुरक्षित हैं, और अधिकतर मौत के मामले इन्हीं से संबंधित है।
टॉड ने सड़क सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र-जेसीडिक्यूएक्स वैश्विक अभियान ‘मेक सेफ्टी स्टेटमेंट’ की शुरुआत की, जिसमें मशहूर हस्तियां सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए रोजमर्रा के उपायों को बढ़ावा देने की बात करती हैं।
इस अभियान के तहत, सड़क सुरक्षा के प्रति विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी लोगों के समर्थन के महत्व को उजागर करने के लिए नयी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में डिजिटल बिलबोर्ड तथा पोस्टर लगाए जाएंगे, जिन पर ये बयान प्रदर्शित होंगे। इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी साझा किया जाएगा।
भारत में क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने इस अभियान का समर्थन करते हुए एक वीडियो जारी किया है। वह सड़क सुरक्षा के लिए वैश्विक चैंपियन के रूप में नामित हस्तियों और खेल जगत के दिग्गजों के समूह में शामिल हो गए हैं।
भाषा
नेत्रपाल वैभव
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