RSS के इस नेता का POK पर बड़ा बयान, कह दी यह बड़ी बात

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उन्होंने अपने बयान में कहा कि POK के लोग भारत-पाक विवाद के पहले पीड़ित हैं और वे लोग अपनी आज़ादी के लिए भारत की तरफ देख रहे हैं।

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  • Publish Date - July 25, 2022 / 02:45 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:23 PM IST

जम्मू। POK यानि की पाक अधिकृत कश्मीर में रहने वाले लोगों का जीवन बहुत ही कष्ट से गुजर रहा है क्योंकि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान वहां जबरन कब्जा करके बैठा हुआ है। वहां के लोग अपने सभी अधिकारों से वंचित हैं। इसी मुद्दे पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले ने भी एक बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि POK के लोग भारत-पाक विवाद के पहले पीड़ित हैं और वे लोग अपनी आज़ादी के लिए भारत की तरफ देख रहे हैं।>>*IBC24 News Channel के WHATSAPP  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां CLICK करें*<<

लोग हो रहे विस्थापित

अपन बयान में होसबले कहा कि क्षेत्र से भागने को मजबूर हुए लाखों लोग देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। RSS नेता ने कहा, ‘शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जिसने (हमले के दौरान) अपने एक सदस्य को न खोया हो। दुर्भाग्य का सामना करने के बावजूद, उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सहयोग दिया। जम्मू-कश्मीर में रहते हुए, वे राष्ट्र निर्माण में भागीदार बने.’

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राजनाथ सिंह का बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि ‘हम पर बुरी नजर डालने वाला कोई भी हो’ भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि कोई युद्ध हुआ तो भारत विजेता बनकर उभरेगा। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के हिस्से को फिर से हासिल करने की वकालत करते हुए सिंह ने कहा कि यह भारत का हिस्सा है और इस देश का हिस्सा बना रहेगा।

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हर युद्ध में हारा पाकिस्तान

सिंह ने यहां ‘कारगिल विजय दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मैं आपको विश्वास के साथ बताना चाहता हूं कि अगर किसी विदेशी ताकत ने हम पर बुरी नजर डाली और युद्ध हुआ तो हम विजयी होंगे.’ उन्होंने कहा कि भारत ने 1947 के बाद से सभी युद्धों में पाकिस्तान को हराया और कड़वी हार के बाद उसने छद्म युद्धों को अंजाम दिया. उन्होंने कहा, ‘वर्ष 1965 और 1971 के प्रत्यक्ष युद्धों में हार का स्वाद चखने के बाद पाकिस्तान ने छद्म युद्ध का रास्ता अपनाया। दो दशकों से अधिक समय तक इसने ‘एक हजार घावों के साथ भारत को लहूलुहान’ करने की कोशिश की, लेकिन हर बार हमारे बहादुर सैनिकों ने दिखाया है कि कोई भी भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को भंग नहीं कर सकता है.’