Rudram-II Missile Test: भारत की नई ताकत ‘रुद्र M-2’, 350 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर करेगी सटीक वार, DRDO ने किया सफल परीक्षण

भारत की नई ताकत 'रुद्र M-2', 350 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर करेगी सटीक वार, Rudram-II Missile Test: India successfully test-fires Rudra M-II air-to-surface missile

Rudram-II Missile Test: भारत की नई ताकत ‘रुद्र M-2’, 350 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर करेगी सटीक वार, DRDO ने किया सफल परीक्षण

Rudram-II Missile Test. Image Source- DRDO

Modified Date: June 3, 2026 / 12:08 am IST
Published Date: June 2, 2026 10:05 pm IST

नई दिल्लीः Rudram-II Missile Test: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना ने हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल रुद्र एम-दो का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि प्रक्षेपण के बाद मिसाइल को पूर्वनिर्धारित लक्ष्य की ओर निर्देशित किया गया और उन्होंने अत्यंत सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदा। परीक्षण के सभी उद्देश्यों को पूरी तरह सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया।

Rudram-II Missile Test:  मंत्रालय ने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया। मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रक्षेपित सभी मिसाइल ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।’’

रुद्र एम-दो को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्र एम-दो के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी।

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