शबरिमला: तंत्री के बेटे की नियुक्ति के अनुरोध पर टीडीबी को आपत्ति नहीं, अदालत की मंजूरी का इंतजार

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शबरिमला: तंत्री के बेटे की नियुक्ति के अनुरोध पर टीडीबी को आपत्ति नहीं, अदालत की मंजूरी का इंतजार

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 01:16 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 01:16 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 14 जुलाई (भाषा) त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार ने मंगलवार को कहा कि टीडीबी को शबरिमला मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) कंदारारू राजीवारू के उस अनुरोध पर कोई विशेष आपत्ति नहीं है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे को मलयालम माह चिंगम से अगला तंत्री नियुक्त करने की मांग की है, हालांकि बोर्ड इस पर निर्णय केरल उच्च न्यायालय की सहमति मिलने के बाद ही लेगा। जयकुमार ने कहा कि इस अनुरोध पर बोर्ड ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, क्योंकि इससे जुड़े मामले उच्च न्यायालय में लंबित हैं।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘बोर्ड के सामने केवल एक पत्र आया है, जिसमें बताया गया कि मलयालम महीने चिंगम में नए तंत्री की नियुक्ति की बारी है। संबंधित व्यक्ति स्वास्थ्य कारणों से यह जिम्मेदारी संभालने में असमर्थ हैं। इसलिए उन्होंने यह अधिकार अपने बेटे को देने का अनुरोध किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इस अनुरोध को स्वीकार करने में बोर्ड को कोई विशेष कठिनाई नहीं है। लेकिन चूंकि इससे जुड़े अन्य मामले अदालत में लंबित हैं, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि उच्च न्यायालय की सहमति प्राप्त करने के बाद ही इस अनुरोध पर फैसला किया जाएगा। इसके अलावा इस विषय पर कोई अन्य चर्चा या निर्णय नहीं हुआ है।’’

जयकुमार ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

थाझामोन मडोम परिवार से शबरिमला मंदिर के पारंपरिक तंत्री कंदारारू राजीवारू ने अपने बेटे ब्रह्मदत्तन को जिम्मेदारियां सौंपने की अनुमति मांगी है। ब्रह्मदत्तन पहले से ही मंदिर की पूजा-पद्धतियों में उनकी सहायता करते रहे हैं। राजीवारू ने स्वास्थ्य कारणों से अपनी जिम्मेदारी आगे निभाने में असमर्थता जताई है।

जयकुमार का यह बयान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष के. एस. राधाकृष्णन के बयान से उठे विवाद के बीच आया है। राधाकृष्णन ने थाझामोन परिवार को तंत्री के वंशानुगत पद से हटाने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि केवल परंपरा के आधार पर, आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों की सिफारिश पर किसी व्यक्ति को नियुक्त करना टीडीबी की बाध्यता नहीं है। उनका यह बयान मंदिर से जुड़े सोने की कथित चोरी विवाद के संदर्भ में आया था।

हालांकि, भाजपा ने सोमवार को राधाकृष्णन के बयान से खुद को अलग कर लिया। पार्टी ने कहा कि शबरिमला मंदिर में तंत्री के कर्तव्यों का निर्वहन कौन करेगा, यह राजनीतिक विषय नहीं है और पार्टी नेताओं द्वारा दिए गए किसी भी बयान को उनका व्यक्तिगत विचार माना जाए।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा