कोलकाता। Sarkari Karmachari Salary Hike पश्चिम बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी सरकारी विभागों को वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से संबंधित अपने प्रस्ताव तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य के वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आयोग के औपचारिक गठन के बाद इन्हीं प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा, ताकि वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। सरकार के निर्देश के अनुसार सभी विभागों को अपने-अपने कर्मचारियों से जुड़े वेतन, भत्तों और अन्य सेवा लाभों से संबंधित सुझाव एवं प्रस्ताव तैयार रखने होंगे। आयोग के गठन के बाद इन्हें उसके समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और इन्हीं के आधार पर आगे की प्रक्रिया संचालित होगी।
Sarkari Karmachari Salary Hike गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर अपने पहले बजट में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की वृद्धि तथा सातवें वेतन आयोग के गठन का वादा किया था। अब राज्य सरकार की इस पहल को कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकारी कर्मचारी संगठनों ने वित्त विभाग की पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार ने सकारात्मक शुरुआत की है, लेकिन अब सातवें वेतन आयोग का औपचारिक गठन भी जल्द किया जाना चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने यह भी मांग की है कि आयोग की सिफारिशें लागू करने से पहले सभी कर्मचारी संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए।
हालांकि कुछ कर्मचारी संगठनों ने सरकार से यह सवाल भी पूछा है कि जब तक सातवें वेतन आयोग का औपचारिक गठन नहीं हुआ है, तब तक विभागों से प्रस्ताव मंगाने का औचित्य क्या है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट स्थिति बताने की मांग की है।सरकारी सूत्रों का कहना है कि विभागों से पहले ही प्रस्ताव तैयार कराने का उद्देश्य केवल इतना है कि आयोग के गठन के बाद उसकी कार्यवाही बिना किसी देरी के शुरू हो सके। इससे कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य सेवा लाभों की समीक्षा की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी।