दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस की तुलना में सरखेज-धोलेरा सेमी हाईस्पीड परियोजना लागत कम: रेलवे

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दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस की तुलना में सरखेज-धोलेरा सेमी हाईस्पीड परियोजना लागत कम: रेलवे

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 06:30 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 06:30 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) रेलवे के अनुसार इस महीने की शुरुआत में सरकारी मंजूरी पाने वाले प्रस्तावित सरखेज–धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल रेल कॉरिडोर की प्रति किलोमीटर निर्माण लागत दिल्ली–मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की तुलना में आधे से भी कम होगी।

सरखेज-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल रेल कॉरिडोर की गति सीमा 220 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी जबकि आरआरटीएस की गति सीमा 180 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई, 2026 को भारतीय रेलवे के पहले सेमी-हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी थी। यह 134 किलोमीटर लंबी डबल-लाइन रेल परियोजना है, जिसके तहत गुजरात में अहमदाबाद के सरखेज को धोलेरा से जोड़ा जाएगा। इसकी अनुमानित लागत लगभग 20,667 करोड़ रुपये है।

अधिकारियों ने कहा कि भारत की अलग-अलग रेलवे प्रणालियों की तुलना से पता चलता है कि सरखेज–धोलेरा सेमी हाई-स्पीड कॉरिडोर पारंपरिक रेलवे लाइनों से महंगा है, लेकिन यह दिल्ली-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस (82 किलोमीटर) और मुंबई–अहमदाबाद- हाई-स्पीड रेल परियोजना (508 किलोमीटर) दोनों से काफी सस्ता है।

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड कॉरिडोर में 1676 मिलीमीटर ब्रॉड गेज का उपयोग किया जाएगा – यानी दोनों रेलों के बीच की दूरी 1676 मिलीमीटर होगी – जो भारतीय रेल की पारंपरिक लाइनों के समान है।

दूसरी ओर आरआरटीएस और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दोनों में 1435 मिलीमीटर स्टैंडर्ड गेज प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित है।

अधिकारी ने कहा, “1676 मिलीमीटर ब्रॉड गेज पर 160 किमी प्रति घंटे तक की गति वाली एक पारंपरिक रेलवे लाइन का निर्माण, रोलिंग स्टॉक को छोड़कर सिग्नलिंग सिस्टम पर लगभग 50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है।”

अधिकारी ने कहा, “इसके मुकाबले, अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन को 220 किमी प्रति घंटे तक की गति के लिए डिजाइन किया गया है और यह 1676 मिमी ब्रॉड गेज पर 200 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति पर चलेगी, लेकिन इसकी लागत लगभग 154 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर होगी।”

अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा विकसित की जा रही दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस परियोजना में 1435 मिमी स्टैंडर्ड गेज ट्रैकों पर निर्माण के लिए लगभग 336 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आती है।

इसकी निर्धारित गति 180 किमी प्रति घंटा है, लेकिन परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है।

उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल देश की सबसे महंगी रेल परियोजना बनी है, जिसकी निर्माण लागत लगभग 358 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर है।

इस कॉरिडोर पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति निर्धारित की गई है, जबकि इसकी परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश