नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दैनिक अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (टीओआई) की प्रति को उसके सभी परिशिष्ट के साथ उपलब्ध कराए जाने से जुड़ी याचिका पर नाखुशी व्यक्त करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि बेहतर होगा कि वह घर-घर अखबार पहुंचाने वाले व्यक्ति (हॉकर) के पास जाएं।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता जी एस राठौर को सलाह देते हुए उनसे कहा कि वह अखबार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से दैनिक अखबार के सभी परिशिष्ट उपलब्ध कराने को कहें।
पीठ ने सवाल किया कि ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के खिलाफ रिट याचिका कैसे दायर की जा सकती है।
पीठ ने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘‘ आखिर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के खिलाफ रिट याचिका कैसे दायर की जा सकती है? क्या ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ कोई सरकार है कि हम उसके खिलाफ रिट याचिका पर सुनवाई कर सकें?’’
भाषा
संतोष नरेश
नरेश
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