आम्रपाली परियोजनाओं के अप्रयुक्त एफएआर की बिक्री पर न्यायालय में फैसला सुरक्षित

आम्रपाली परियोजनाओं के अप्रयुक्त एफएआर की बिक्री पर न्यायालय में फैसला सुरक्षित

आम्रपाली परियोजनाओं के अप्रयुक्त एफएआर की बिक्री पर न्यायालय में फैसला सुरक्षित
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: November 2, 2022 10:37 pm IST

नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने आम्रपाली समूह की रुकी हुई परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए इससे सम्बद्ध कंपनियों के अप्रयुक्त ‘फ्लोर एरिया रेशियो’ (एफएआर) की बिक्री के मुद्दे पर बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

एफएआर एक इमारत के कुल फ्लोर एरिया और उस भूमि के टुकड़े के आकार का अनुपात होता है, जिस पर इसे बनाया गया है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

सीजेआई आठ नवम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। चूंकि आठ नवम्बर को न्यायालय में छुट्टी है, इसलिए सात नवम्बर ही उनका अंतिम कार्यदिवस है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों ने अप्रयुक्त एफएआर की बिक्री का विरोध किया है, जबकि अदालत के रिसीवर और अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने इसका समर्थन करते हुए कहा है कि यह समूह की रुकी हुई परियोजनाओं के लिए धन उत्पन्न करने में मदद करेगा।

वेंकटरमणि ने पहले पीठ को बताया था कि रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता होगी और घर खरीदारों के भुगतान, बगैर बिके माल को बेचने और बैंक ऋण के बावजूद लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक धन की तुलना में एकत्र की गई राशि बहुत कम होगी और इसलिए उन्हें अप्रयुक्त एफएआर बेचने की जरूरत है।

शीर्ष अदालत ने 22 अक्टूबर को आम्रपाली ग्रुप ऑफ कंपनीज के पूर्व सीएमडी अनिल कुमार शर्मा और पूर्व निदेशक शिवा प्रिया को चिकित्सा के आधार पर दी गई अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया था।

प्रवर्तन निदेशालय के अलावा, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) भी रियल एस्टेट समूह के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों की जांच कर रहे हैं।

भाषा सुरेश अमित

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