न्यायालय ने राज्यपाल की अभियोजन मंजूरी को चुनौती वाली सिद्धरमैया की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

न्यायालय ने राज्यपाल की अभियोजन मंजूरी को चुनौती वाली सिद्धरमैया की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

न्यायालय ने राज्यपाल की अभियोजन मंजूरी को चुनौती वाली सिद्धरमैया की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
Modified Date: September 12, 2024 / 07:53 pm IST
Published Date: September 12, 2024 7:53 pm IST

बेंगलुरु, 12 सितंबर (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की उस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी कर ली, जिसमें मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामले में उनके खिलाफ अभियोग चलाने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता को चुनौती दी गई थी। अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।

अदालत ने 19 अगस्त के अपने उस अंतरिम आदेश की अवधि भी आगे बढ़ा दी, जिसमें विशेष जनप्रतिनिधि अदालत को निर्देश दिया गया था कि वह सिद्धरमैया के खिलाफ शिकायतों की सुनवाई को इस याचिका के निपटारे तक टाल दे।

न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने सुनवाई पूरी करने के बाद कहा, ‘‘आदेश सुरक्षित रखा जाता है। अंतरिम आदेश याचिका के निपटारे तक जारी रहेगा।’’

राज्यपाल ने प्रदीप कुमार एस.पी., टी.जे. अब्राहम और स्नेहमयी कृष्णा की याचिकाओं में उल्लिखित कथित अपराधों के लिए 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी।

सिद्धरमैया ने 19 अगस्त को राज्यपाल के आदेश की वैधता को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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