नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के माध्यम से सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर और अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सरकार का जवाब दाखिल करने को कहा।
याचिकाओं में कहा गया है कि इन संशोधनों से पारदर्शिता कमजोर होती है, क्योंकि व्यक्तिगत जानकारी के प्रकटीकरण से जुड़े जनहित संरक्षण प्रावधान को हटा दिया गया है।
इन याचिकाओं में आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) में किए गए संशोधन को चुनौती दी गई है। यह धारा व्यक्तिगत जानकारी के प्रकटीकरण से संबंधित अपवादों का प्रावधान करती है।
भाषा गोला रंजन
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