तमिलनाडु।मन्नार की खाड़ी के तटों पर पर बढ़ रहे औद्योगिकीकरण से तटों का लगातार क्षय होता जा रहा।समुद्री पर लगातार बढ़ते कचरे और प्लास्टिक के प्रदूषण से समुद्र का पानी दूषित हो रहा है जिसके चलते स्कूबा डाइविंग में प्रशिक्षित वन अधिकारियों ने मंगलवार की मन्नार की खाड़ी से प्लास्टिक कचरे को साफ करने का काम किया ।
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”><a href=”https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#WATCH</a> Tamil Nadu: Forest officials, trained in scuba diving, participated in the removal of plastic waste from Gulf of Mannar yesterday. <a href=”https://t.co/PrDxEI88Xu”>pic.twitter.com/PrDxEI88Xu</a></p>— ANI (@ANI) <a href=”https://twitter.com/ANI/status/1095519842654932992?ref_src=twsrc%5Etfw”>February 13, 2019</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
ज्ञात हो कि मन्नार की खाड़ी एक उथले पानी की खाड़ी है जो हिन्द महासागर में लक्षद्वीप सागर के एक भाग का निर्माण करती है। यह खाड़ी भारत के दक्षिणपूर्व सिरे और श्रीलंका के पश्चिमी तट के बीच स्थित है। भारत के रामेश्वरम द्वीप से लेकर श्रीलंका के मन्नार द्वीप तक चूना पत्थर से बने द्वीपों की रामसेतु नामक एक शृंख्ला, इस खाड़ी को पाक खाड़ी से पृथक करती है। दक्षिण भारत की तमिरबरणि नदी और श्रीलंका की अरुवी अरु नदी इसी खाड़ी में गिरती हैं।लगातार इसमें बढ़ते कचरे को देखते हुए समुद्री सफाई अभियान चलाया गया था।