इंफाल, 12 अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोमवार को जिले की सीमाओं को जातीय नजरिए से देखने वाले समुदायों की मानसिकता की आलोचना करते हुए इसे “सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथा शांति और सद्भाव के लिए हानिकारक” बताया।
सिंह ने “जिलों के पुनर्गठन” की आवश्यकता पर बल दिया और सुझाव दिया कि इसमें विधायकों व नागरिक संस्थाओं के साथ गहन विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।
सिंह ने विधानसभा में कहा, “जातीय आधार पर नहीं बल्कि प्रशासनिक सुविधा के आधार पर जिले की सीमाओं को संशोधित करना महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने इस शिकायत को स्वीकार किया कि कुछ गांवों को गलत तरीके से नए जिलों में शामिल कर दिया गया है, तथा इन मुद्दों के समाधान के लिए ग्राम प्राधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और विधायकों को शामिल करते हुए एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण कराने का आह्वान किया। सिंह ने कहा कि कुछ नव निर्मित जिलों को वापस लेने की भी मांग की जा रही है।
राज्य में 2016 में नए जिलों के निर्माण के बारे में नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक लीशियो कीशिंग द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए, सिंह ने स्वीकार किया कि इसका घोषित उद्देश्य प्रशासनिक सहूलियत था, लेकिन इससे अक्सर राजनीतिक हित पूरे होते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हालांकि यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि जिलों का निर्माण प्रशासनिक सहूलियत के लिए है, लेकिन कुछ जिलों के संबंध में यह राजनीतिक सुविधाओं के लिए भी काम करता है।”
भाषा प्रशांत माधव
माधव