शिवकुमार ने कर्नाटक में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को खारिज किया

शिवकुमार ने कर्नाटक में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को खारिज किया

शिवकुमार ने कर्नाटक में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को खारिज किया
Modified Date: October 11, 2025 / 06:08 pm IST
Published Date: October 11, 2025 6:08 pm IST

बेंगलुरु, 11 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए इसे मीडिया में चल रही एक “अफवाह” बताया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि पार्टी हाईकमान इस पर फैसला करेगा।

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नवंबर में जब कांग्रेस सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल की आधी अवधि पूरी कर लेगी तो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है, जिसे कुछ लोग “नवंबर क्रांति” के रूप में संदर्भित कर रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने संवाददाताओं को बताया, “कोई मंत्रिमंडल फेरबदल नहीं, कुछ नहीं। ये सब मीडिया में चल रही अफवाहें हैं, कुछ लोगों की बातें सुन रहा हूं। बातें मीडिया में हैं। या तो मुझे या मुख्यमंत्री को इस बारे में बोलना होगा। जब हम दोनों ने ही कुछ नहीं कहा, तो इसमें क्या है?”

उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को (मंत्री बनने की) जल्दी है। अगर उनके नाम मीडिया में आ गए, तो वे (नेताओं के) घर-घर जाएंगे। इसकी कोई संभावना नहीं है। सब कुछ आलाकमान तय करेगा।”

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनका खेमा फेरबदल पर जोर दे रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाना, जब सरकार अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे करने वाली है, इस संदेश के रूप में देखा जाएगा कि सत्ता की कमान उनके हाथ में है और आगे भी वही नेतृत्व करते रहेंगे। यह कदम शिवकुमार के लिए एक झटका साबित हो सकता है, जो मुख्यमंत्री पद पर दावा करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

राज्य के राजनीतिक हलकों में, विशेषकर सत्तारूढ़ कांग्रेस में, इस वर्ष के अंत में मुख्यमंत्री परिवर्तन के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसमें सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण समझौते का दावा किया जा रहा है।

पिछले कुछ समय से, मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग की ओर से भी मंत्रिमंडल में फेरबदल करके उन्हें शामिल करने की मांग उठ रही है। कुछ विधायकों ने तो खुले तौर पर मंत्री बनने की इच्छा भी व्यक्त की है।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की स्वीकृत संख्या 34 है।

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में गबन के आरोपों के बाद बी नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और हाल ही में पार्टी आलाकमान के निर्देश पर के.एन. राजन्ना को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने के बाद मंत्रिमंडल में फिलहाल दो स्थान खाली हैं।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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