कर्नाटक मंत्रिमंडल गठन पर मंथन के लिए दिल्ली जाएंगे शिवकुमार और सिद्धरमैया
कर्नाटक मंत्रिमंडल गठन पर मंथन के लिए दिल्ली जाएंगे शिवकुमार और सिद्धरमैया
बेंगलुरु, एक जून (भाषा) कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार डी के शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कांग्रेस आलाकमान से मिलने सोमवार को दिल्ली रवाना होंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
दोनों नेताओं के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर में दिल्ली पहुंचेंगे, जबकि उनकी वापसी की तारीख अभी तय नहीं है, क्योंकि उच्चस्तरीय बातचीत का दौर शुरू होने वाला है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार तीन जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है। उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है।
रविवार को जब पत्रकारों ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले मंत्रियों की संख्या के बारे में पूछा, तो शिवकुमार ने कहा, ‘‘मुझे जानकारी नहीं है। पार्टी आलाकमान जो तय करेगा, वही होगा। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।’’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर अभी तक कोई प्रस्ताव उनके पास नहीं आया है।
इस बीच, मंत्री पद को लेकर पैरवी तेज हो गई है और कई नेता आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। कई पूर्व मंत्री और विधायक शिवकुमार व सिद्धरमैया से मुलाकात कर चुके हैं।
जहां सिद्धरमैया की भंग हो चुकी मंत्रिपरिषद के कुछ मंत्री नए मंत्रिमंडल में अपनी जगह बरकरार रखने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं इस बार मंत्री बनने की उम्मीद लगाए कई विधायक भी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी।
यह भी चर्चा है कि कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल गठन को लेकर विचार-विमर्श अभी जारी है।
रविवार को शिवकुमार से मुलाकात के बाद सिद्धरमैया के पुत्र और कांग्रेस विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें अगले मंत्रिमंडल में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री पद देने का आश्वासन भी दिया है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नए अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा जारी है। यह पद फिलहाल शिवकुमार के पास है। वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ मंत्री पद भी चाहते हैं।
इसके अलावा, 18 जून को होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर भी इन बैठकों में चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर कांग्रेस राज्यसभा की चार में से तीन और विधान परिषद की सात में से पांच सीटें जीतने की स्थिति में है।
भाषा खारी रंजन
रंजन

Facebook


