(चंदन कुमार)
अयोध्या (उप्र), दो सितंबर (भाषा) अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मंदिर के संचालक संगठन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है।
ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रबंधन को बेहतर बनाने के मकसद से बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), नया महासचिव और कोषाध्यक्ष नियुक्त किया और तीन नए ट्रस्टी भी शामिल किये, जिनमें ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य भी शामिल हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायुसेना कमान का नेतृत्व करने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया।
इसके अलावा ट्रस्ट ने अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉक्टर निर्मला यादव को भी ट्रस्टी के तौर पर शामिल किया। निर्मला ट्रस्ट में शामिल होने वाली पहली महिला हैं।
पूर्व कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को नया महासचिव नियुक्त किया गया, जबकि भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
चढ़ावा चोरी के मामले में चंपत राय के इस्तीफे के बाद कृष्ण मोहन गत छह जुलाई से ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव के तौर पर कार्य कर रहे थे।
मोहन ने संवाददाताओं को बताया कि ट्रस्ट की बुधवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक दो चरणों में हुई।
नये महासचिव बनाये गये स्वामी गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट को मुश्किल दौर से निकालने में मोहन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, ”इस डगमगाती नाव को झंझावात से बाहर निकालने में कृष्ण मोहन का बहुत अहम योगदान रहा।”
गिरि ने ट्रस्ट में निर्मला यादव के शामिल होने का भी स्वागत किया और कहा, ”हमें खुशी है कि ट्रस्ट में अब महिलाओं की ताकत भी शामिल हो गई है।”
ये बदलाव मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और हेराफेरी के विवाद के बाद किये गये हैं। इस मामले में ट्रस्ट की मांग पर इसी साल जून में एक विशेष जांच टीम गठित की गयी थी। टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद प्राथमिकी दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान चंपत राय ने महासचिव और अनिल मिश्रा ने ट्रस्टी के पद से इस्तीफा दे दिया था।
भाषा चंदन सलीम शफीक
शफीक