राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी 25 सितंबर तक दाखिल करेगी आरोपपत्र: न्यायालय को बताया गया

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी 25 सितंबर तक दाखिल करेगी आरोपपत्र: न्यायालय को बताया गया

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 05:35 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 05:35 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय को सोमवार को बताया गया कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रही अदालत द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) 25 सितंबर तक या उससे पहले पहला आरोपपत्र दाखिल करेगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद से कानूनी तौर पर तय 90 दिन की समय-सीमा जल्द ही खत्म होने वाली है।

मेहता ने कहा, ‘‘पहली गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो जाएगी, इसलिए हमें आरोपपत्र दाखिल करना होगा, अन्यथा उन्हें (आरोपियों को) डिफॉल्ट जमानत मिल जाएगी।’’

शीर्ष अदालत ने सीलबंद लिफाफे में एसआईटी की ओर से दाखिल की गई विस्तृत वस्तु स्थिति रिपोर्ट का भी अवलोकन किया।

दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167(2) के तहत, यदि जांच एजेंसी तय अवधि यानी 60 या 90 दिन के भीतर अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रहती है तो आरोपी को वैधानिक जमानत पाने का अधिकार मिल जाता है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 187 ने पहले लागू दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167(2) का स्थान लिया है।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले एसआईटी को अपनी जांच जल्द पूरी करने और उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया था।

न्यायालय ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह चढ़ावा चोरी मामले में जांच में हुई प्रगति की वस्तु स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे।

शीर्ष अदालत ने 27 जुलाई को चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) किरण एस. की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय एसआईटी का संज्ञान लिया था।

उसने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने को कहा था। सुधारात्मक कदमों पर जोर देते हुए पीठ ने कहा था कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

पीठ ने एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर वस्तु स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया था।

पीठ ने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार से चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की संभावना के बारे में उसे अवगत कराने को कहा था।

शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले में वस्तु स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। पीठ ने चढ़ावे की कथित चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को भी नोटिस जारी किया था।

राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह समेत कई याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत का रुख किया था। उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और मंदिर न्यास के वित्तीय मामलों का ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ कराने संबंधी निर्देश का अनुरोध किया था।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश