बेंगलुरु, 25 मई (भाषा) कर्नाटक राज्य साइबर कमांड ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर धोखाधड़ी करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर 74 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 24 करोड़ रुपये ठग लिये। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरोड (तमिलनाडु) निवासी एन. शिवज्ञानम, मुंबई निवासी अक्काच मल्लिक, अहमदाबाद निवासी पलक भाई पटेल और अमित नरेंद्र पटेल, नयी दिल्ली निवासी ओम प्रकाश राजपूत और बिहार निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इस साल 10 फरवरी से 24 अप्रैल के बीच पीड़िता को डराकर यह रकम अंतरित करवाई।
उसने बताया कि महिला ने अपने बैंक खाते से 26 बार में देशभर के 10 बैंकों में खुले 23 ‘म्यूल’ बैंक खातों में 24 करोड़ रुपये अंतरित कर दिए।
पुलिस के अनुसार यह मामला 24 अप्रैल को तब सामने आया जब बैंक ने साइबर कमांड यूनिट को संदिग्ध लेनदेन की कोशिशों की सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत पहुंची और पीड़िता को समझाया-बुझाया, जिससे आगे की रकम अंतरित करने से रुकवाया।
बुजुर्ग महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच के दौरान साइबर कमांड यूनिट ने उन खातों की पहचान करने के लिए तेजी से काम किया, जहां ठगी की रकम शुरुआती समय में जमा की गई थी।
बेंगलुरु साइबर कमांड के पुलिस महानिदेशक प्रणव मोहंती के बयान में कहा, ‘‘कार्रवाई के दौरान टीम ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की मदद से रकम की हेराफेरी और धन शोधन में इस्तेमाल हुए कई ‘म्यूल’ खातों को फ्रीज किया और चार करोड़ रुपये से ज्यादा बचाए। इसके अलावा अदालती आदेशों के जरिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये भी वापस मिले।’’
पुलिस ने इस अपराध में इस्तेमाल हुए छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का नया तरीका है। ऐसे मामलों में ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोगों को ऑडियो या वीडियो कॉल करके डराते हैं और उन्हें उनके घर में डिजिटल तौर पर बंधक बना लेते हैं।
भाषा खारी तान्या खारी रंजन
रंजन