sonam wangchuk/ imagesource: IBC24
Sonam Wangchuk NSA Case: लद्दाख से जुड़े चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन पर लगाया गया National Security Act (NSA) भी हटा दिया गया है। इस निर्णय के बाद सोनम वांगचुक करीब 170 दिनों बाद जेल से रिहा होंगे। पिछले साल सितंबर में लेह में हुई तनावपूर्ण घटनाओं के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की थी। उस समय जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 26 सितंबर को उन्हें NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से ही सोनम वांगचुक राजस्थान के जोधपुर स्थित जेल में बंद थे।
The government has decided to revoke the detention of Sonam Wangchuk with immediate effect by exercising the powers available under the National Security Act: Ministry of Home Affairs
(File pic of climate activist Sonam Wangchuk) pic.twitter.com/QaWpy1sa0s
— ANI (@ANI) March 14, 2026
सरकार ने उस समय उनकी गिरफ्तारी को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया जरूरी कदम बताया था। अधिकारियों का कहना था कि लेह में हालात तनावपूर्ण थे और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। इसी आधार पर प्रशासन ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया था। इस फैसले के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा भी हुई थी। वहीं सोनम वांगचुक के समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग करते रहे और कहा कि संवाद के जरिए ही समस्या का हल निकल सकता है।
अब करीब साढ़े पांच महीने बाद केंद्र सरकार ने उनकी NSA हिरासत खत्म करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही सरकार सभी पक्षों के साथ रचनात्मक बातचीत को आगे बढ़ाना चाहती है ताकि क्षेत्र में आपसी विश्वास कायम हो सके। अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से लद्दाख में सामान्य माहौल बनाने में मदद मिलेगी और विभिन्न मुद्दों पर शांतिपूर्ण संवाद का रास्ता भी खुल सकेगा।