Telangana Earthquake: तेलंगाना में देर रात अचानक भूकंप के झटके से दहशत का माहौल है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए है। बताया जा रहा है कि 2:26 बजे के आसपास भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 दर्ज किया गया। फिलहाल, किसी भी हताहत होने की कोई खबर नहीं है। प्रशासन, संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ये घटना (Telangana Earthquake) देर रात उस समय हुई जब लोग अपनी घरों में सो रहें थे। अचानक रात 2:26 बजे धरती हिलने लगी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मची रही। कई लोग घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक हल्का भूकंप था। तेलंगाना के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए।
भूकंप आने के कारण क्या हैं?
भूकंप (Telangana Earthquake) आने का मुख्य कारण पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की गतिविधियां होती हैं। पृथ्वी की ऊपरी सतह कई बड़ी और छोटी प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं या अलग होती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है और धरती हिलने लगती है, जिसे भूकंप कहा जाता है।
भूकंप आने के प्रमुख कारण
टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव- दुनिया के अधिकांश भूकंप इसी कारण आते हैं।
ज्वालामुखीय गतिविधियां- ज्वालामुखी फटने या उसके भीतर हलचल होने पर भी भूकंप आ सकता है।
भ्रंश रेखाओं (Fault Lines) में हलचल- चट्टानों के खिसकने से अचानक ऊर्जा निकलती है।
मानवीय गतिविधियां- बड़े बांध, खनन, तेल-गैस की ड्रिलिंग या भूमिगत परमाणु परीक्षण भी छोटे भूकंपों का कारण बन सकते हैं।
क्या 3.8 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है?
रिक्टर स्केल पर 3.8 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर हल्का माना जाता है। इससे लोगों को झटके महसूस हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है। हालांकि, यदि भूकंप का केंद्र आबादी वाले क्षेत्र के काफी नजदीक हो, तो हल्की दरारें या मामूली नुकसान हो सकता है।