दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों में भी पहुंचा : आईएमडी

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दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों में भी पहुंचा : आईएमडी

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 04:33 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 04:33 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच गया है, जिसके साथ ही पूरे देश में इसकी दस्तक हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आईएमडी ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरे देश में पहुंचने में एक दिन की देरी हुई है। आम तौर पर आठ जुलाई को देशभर में इसका आगमन हो जाता है।

मानसून इस साल चार जून को केरल पहुंचा, जिससे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून-सितंबर) की शुरुआत हुई। आम तौर पर यह राज्य में एक जून को दस्तक देता है।

भारत में इस साल जुलाई में अब तक सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है। आईएमडी के मुताबिक, महीने के शुरुआती नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो इस अवधि में होने वाली सामान्य वर्षा 73.8 मिलीमीटर से कहीं ज्यादा है।

आईएमडी ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में जुलाई के शुरुआती सात से 10 दिनों में देशभर में बारिश होने का अनुमान जताया था।

हालांकि, उसने कहा था कि जुलाई में सामान्य से कम पानी बरसेगा और इस अवधि में पूरे देश में ‘दीर्घकालिक औसत’ (एलपीए) की 94 फीसदी बारिश होने के आसार हैं।

एलपीए का मतलब किसी खास इलाके में एक तय समय (जैसे महीना या मौसम) के दौरान होने वाली बारिश के औसत से है जिसे आम तौर पर 30 से 50 साल की लंबी अवधि के आधार पर निकाला जाता है।

जून में भारत में बारिश में लगभग 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मध्य भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां सामान्य से 50.4 प्रतिशत कम पानी बरसा। 1901 के बाद से देश में जून महीने के दौरान यह पांचवीं सबसे कम (99.5 मिलीमीटर) बारिश थी।

आईएमडी के मुताबिक, देश में एक जून से नौ जुलाई के बीच कुल बारिश में 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, भारत में इस साल मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत का 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें चार प्रतिशत की मॉडल त्रुटि हो सकती है।

साल 1971 से 2020 तक के डेटा के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए 87 सेंटीमीटर है। इस कमी की एक मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति का बनना है जिसके कारण भारत में कम बारिश होती है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश